इस रात की गहराइयों में डूबे पड़े
हैं न जाने कितने ही विरल
मोती, ढूंढ के जो लाए
वो मरजिए ही न
रहे, सिक्कों
को फेंक
कर
अक्सर लोग देखते हैं यहाँ मौत
का तमाशा। ज़िन्दगी की
धरातल, दिन ब दिन
घटती हुई, अंधे -
कुएं में घूमती
है सतत
दीर्घ
जीने की प्रत्याशा। वाहवाही का
झुनझुना दिखा कर लोग
लूट ले जाते हैं, हमसे
हमारा ही वजूद,
हम ख़ुद को
देखते हैं
यूँ ही
लुटते हुए, होश में रहने के बावजूद,
जिन्हें हम समझते हैं अपना
ख़ैरख़ाह, वही एक दिन
मौक़ा मिलते ही दे
जाते हैं, बड़ी ही
ख़ूबसूरती से
हम को
झांसा। गुज़िश्ता साल ने ज़ख्म देने
में यूँ तो कोई कंजूसी नहीं की,
उम्मीद है, नए साल की
भोर दे, ज़िन्दगी को
एक नए अंदाज़
में, जीने की
दिलासा।
* *
- - शांतनु सान्याल

सार्थक प्रश्नों को उद्घृत करती सुंदर रचना..।नव वर्ष की शुबकामना सहित जिज्ञासा सिंह..।
जवाब देंहटाएंह्रदय तल से आभार - - नमन सह। नूतन वर्ष की शुभकामनाएं।
हटाएंबहुत सुंदर। नव वर्ष कि हार्दिक शुभकामनाएं 👌
जवाब देंहटाएंह्रदय तल से आभार - - नमन सह। नूतन वर्ष की शुभकामनाएं।
हटाएंह्रदय तल से आभार - - नमन सह। नूतन वर्ष की शुभकामनाएं।
जवाब देंहटाएंह्रदय तल से आभार - - नमन सह। नूतन वर्ष की शुभकामनाएं।
जवाब देंहटाएंमानव-पीढ़ी रहेगी ज़िन्दा ,
जवाब देंहटाएंजब तक ज़िन्दा हैं मानवता।
नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें
ह्रदय तल से आभार - - नमन सह। नूतन वर्ष की शुभकामनाएं।
हटाएंकई गम्भीर प्रश्नों का उद्घाटन करती एक अच्छी रचना | शांतनु जी नव वर्ष की बहुत बहुत शुभ कामनाएं |
जवाब देंहटाएंह्रदय तल से आभार - - नमन सह। नूतन वर्ष की शुभकामनाएं।
हटाएंगुज़िश्ता साल ने ज़ख्म देने
जवाब देंहटाएंमें यूँ तो कोई कंजूसी नहीं की,
उम्मीद है, नए साल की
भोर दे, ज़िन्दगी को
एक नए अंदाज़
में, जीने की
दिलासा।
आमीन 🙏
सुंदर रचना.. बहुत खूब
नववर्ष पर हार्दिक शुभकामनाएं ⭐🌹🙏🌹⭐
ह्रदय तल से आभार - - नमन सह। नूतन वर्ष की शुभकामनाएं।
हटाएंनूतन वर्ष मंगलमय हो अशेष शुभकामनाएं।
जवाब देंहटाएंफिर एक शानदार प्रस्तुति सब के मन की बात।
सुंदर सृजन।
ह्रदय तल से आभार - - नमन सह। नूतन वर्ष की शुभकामनाएं।
हटाएंबहुत सुन्दर, सार्थक!
जवाब देंहटाएंह्रदय तल से आभार - - नमन सह। नूतन वर्ष की शुभकामनाएं।
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