शांतनु सान्याल : हिंदी / उर्दू कविताएं © It's subject to copyright.
जी नमस्ते ,आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (२१-११-२०२२ ) को 'जीवन के हैं मर्म'(चर्चा अंक-४६१७) पर भी होगी।आप भी सादर आमंत्रित है। सादर
असंख्य आभार आदरणीया ।
सुन्दर प्रस्तुति
असंख्य आभार आदरणीय ।
जी नमस्ते ,
जवाब देंहटाएंआपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (२१-११-२०२२ ) को 'जीवन के हैं मर्म'(चर्चा अंक-४६१७) पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है।
सादर
असंख्य आभार आदरणीया ।
हटाएंसुन्दर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंअसंख्य आभार आदरणीय ।
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