ये हथेलियों की है ज्यामिति
इसे समझना आसां
नहीं, चाहता है
दिल बहुत
कुछ,
कहने को बाक़ी अरमां नहीं।
लब ए बाम पर, कई
चिराग़ ए शाम
लोग जलाए
बैठे हैं,
रंगीन बुलबुलों का है मंज़र
ये उजला कोई आसमां
नहीं। जी चाहे किसी
भी नाम से
पुकारो,
बहता हुआ दरिया हूँ, ज़ब्त
करना मुझे आता है
यूँ तो कोई मेरा
निगह्बां
नहीं।
क़ौमियत का मोहर जो -
भी हो, परिंदों का
मज़हब है एक,
इस आलम
ए
आवारगी के लिए कोई
ख़ास कारवां नहीं।
सोचो तो सारी
दुनिया है
घर
अपना वरना कुछ भी नहीं,
कोई भी नहीं मुबारक
सौ फ़ीसद, आज
हैं, कल यहाँ
नहीं।
इस भीड़ भरे भूल भुलैया में
न पा सकोगे गुमशुदा
मोती, दूरबीन से
लगते हैं सभी
बहुत
नज़दीक, ये दिल की ज़मीं है
यहाँ मुझसा कोई
तनहा नहीं।
* *
- - शांतनु सान्याल
22 जुलाई, 2021
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आपका ह्रदय तल से असंख्य आभार, नमन सह।
जवाब देंहटाएंसुन्दर
जवाब देंहटाएंआपका ह्रदय तल से असंख्य आभार, नमन सह।
हटाएंबहुत सुंदर प्रस्तुति।
जवाब देंहटाएंआपका ह्रदय तल से असंख्य आभार, नमन सह।
हटाएंसोचो तो सारी दुनिया है घर वरना तो कुछ भी नहीं!वाह! बहुत खूब!सादर शुभकामनाये।
जवाब देंहटाएंआपका ह्रदय तल से असंख्य आभार, नमन सह।
हटाएंसुंदर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंआपका ह्रदय तल से असंख्य आभार, नमन सह।
हटाएंचाहता है
जवाब देंहटाएंदिल बहुत
कुछ,
कहने को बाक़ी अरमां नहीं।
लब ए बाम पर, कई
चिराग़ ए शाम
लोग जलाए
बैठे हैं,
रंगीन बुलबुलों का है मंज़र
ये उजला कोई आसमां
नहीं।
बहुत सुन्दर प्रस्तुति... कहा भी गया है की असल में हर व्यक्ति अपने में एक जजीरा है..अकेलेपन के समुंदर से घिरा हुआ....
आपका ह्रदय तल से असंख्य आभार, नमन सह।
हटाएंबहता हुआ दरिया हूँ, ज़ब्त
जवाब देंहटाएंकरना मुझे आता है
यूँ तो कोई मेरा
निगह्बां
नहीं।
बहुत खूबसूरत लेखन ।
आपका ह्रदय तल से असंख्य आभार, नमन सह।
हटाएं
जवाब देंहटाएंकहने को बाक़ी अरमां नहीं।
लब ए बाम पर, कई
चिराग़ ए शाम
लोग जलाए
बैठे हैं,
सुंदर सृजन सर,सादर नमन आपको
आपका ह्रदय तल से असंख्य आभार, नमन सह।
हटाएंबहुत बहुत सुन्दर सराहनीय रचना |
जवाब देंहटाएंआपका ह्रदय तल से असंख्य आभार, नमन सह।
हटाएं।
जवाब देंहटाएंइस भीड़ भरे भूल भुलैया में
न पा सकोगे गुमशुदा
मोती, दूरबीन से
लगते हैं सभी
बहुत
नज़दीक, ये दिल की ज़मीं है
यहाँ मुझसा कोई
तनहा नहीं।वाह,नायाब सृजन।
आपका ह्रदय तल से असंख्य आभार, नमन सह।
हटाएंबहुत ही सुंदर सराहनीय सृजन।
जवाब देंहटाएंसादर
आपका ह्रदय तल से असंख्य आभार, नमन सह।
हटाएंसुंदर सृजन।
जवाब देंहटाएंआपका ह्रदय तल से असंख्य आभार, नमन सह।
हटाएं