Monday, 13 April 2015

सुंदरता की परिभाषा - -

सुंदरता की परिभाषा किताबों में नहीं,
मोतियों की तरह सीप के दिल
में, शायद रहती है वो कहीं,
कुछ गुमसुम सी,
कुछ सहमी
सहमी,
सजल आँखों के तीर उभरती है, वो -
अक्सर बारूह नज़र के सामने,
उसका पता शायर के
ख़्वाबों में नहीं।
सुंदरता की परिभाषा किताबों में नहीं।
न रूप न रंग, न कोई उपासना,
कभी अदृश्य, और कभी
वो इक मुखरित
प्रार्थना,
अहसास ए नफ़्स अतर, कभी दर्द की
अंतहीन लहर, दिल की रगों में
शायद वो बसता हैं कहीं,
क़ीमती असबाबों
में नहीं,
सुंदरता की परिभाषा किताबों में नहीं।

* *
- शांतनु सान्याल
http://sanyalsduniya2.blogspot.in/