Friday, 24 January 2014

आस्मां का रास्ता - -

मेरी ज़ात है महज़, इक ख़ुश्बूदार 
हवा का झोंका, न बना मुझे 
महदूद शख्सियत, 
रहने दे मुझे 
यूँ ही  
साँसों में इक ख़ूबसूरत अहसास -
की तरह, मेरा वजूद है महज़,
इक बहता हुआ पहाड़ी 
झरना, न रोक 
मुझे, यूँ 
अपने हुस्न ए तिलिस्म में जकड़ 
के, बिखरने दे मुझे बंजर -
किनारों में खुल कर,
मेरे जज़्बात 
हैं, रूह 
ख़ानाबदोश, न कर इन्हें क़ैद - - - 
अपनी पुरअसरार आँखों 
के क़फ़स में, कहीं 
ये मेरी  
ज़िन्दगी, न भूल जाए आस्मां का 
रास्ता - - 

* * 
- शांतनु सान्याल 

अर्थ -
 ज़ात - स्वभाव 
महदूद - सिमित 
क़फ़स - पिंजरा 
 पुरअसरार - राज़ भरे 
http://sanyalsduniya2.blogspot.com/
forget-me-not, by deborah-schuster